मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा किसान कर्ज माफी अब बीजेपी के लिए बड़ा हथियार बन गई है. बीजेपी के नेता चुनाव में जनता को कर्ज माफी की हकीकत बताएंगे. BJP नेता यह भी बताएंगे कि राहुल गांधी ने कहा था कि दस दिन में दो लाख तक का किसानों का कर्ज माफ नही होगा तो दसवें दिन मुख्यमंत्री बदल देंगे. BJP नेता चुनाव प्रचार में पूछेंगे किसानों से की 2 लाख खाते में आए कि नहीं. 2 लाख का कर्ज माफ हुआ क्या. इसकी शुरुआत भी हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपनी सभाओं में कहना भी शुरू कर दिया है कि राहुल गांधी मिस लीड करने वाले नेता हैं.
लोकसभा चुनाव 2019 में जीत के लिए नेता मंदिर मस्जिद, गुरुद्वारे और दरगाह पर जाकर मत्था टेक रहे हैं. बीती रात भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने दरगाह पर जाकर चादर चढ़ाई. दरअसल दिग्विजय सिंह के रात को दरगह जाने पर विवाद खड़ा हुआ. जबलपुर से लौटते वक्त रायसेन की प्रसिद्ध बाबा पीर फतेह उल्लाह शाह साहब की दरगाह पर तड़के 3 बजे पहुंचे और चादर चढ़ाकर जीत की दुआ मांगी. इस दौरान भोपाल के कई कांग्रेसी नेता भी उनके साथ मौजूद थे.
लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित होने के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को साल 2003 में की गई अपनी सियासी गलती अचानक याद आ गई। उन्होंने बुधवार को सरकारी कर्मचारी संघ के होली मिलन समारोह में 16 साल पहले दिए गए अपने बयान के लिए माफी मांगी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को जिले में तीन जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने जिले की विकास यात्रा एवं बढ़ते व बदलते छिंदवाड़ा से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने जनता से आव्हान किया कि वे न केवल सच्चाई को जानें बल्कि अन्य लोगों को भी सच्चाई से अवगत कराएं। कमलनाथ ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पिछले पांच साल में केवल झूठे नारे व खोखले वादों से देश की जनता को गुमराह किया है।
हीरानागर थाने की दो महिला एसआई खुशबू परमार और सुमन तिवारी के कार्य की मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रशंसा की है। गौरतलब है कि आर्थिक तंगी से गुजर रही एक बहू अपनी 75 वर्षीय अपाहिज सास को सड़क पर छोड़कर भाग गई थी। दोनों महिला पुलिसकर्मी ने वृद्धा को खाना खिलाया और पौन घंटे की मशक्कत के बाद बहू को ढूंढा, उन्होंने बहू की काउंसलिंग कर सास को उसके साथ वापस घर भेजा।
लोकसभा चुनाव 2019 का ऐलान होते ही कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की चुनाव प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा पूरी तरह से सियासी समर में कूद गई हैं. इसी क्रम में वे उत्तर प्रदेश के इलाहबाद में गंगा यात्रा कर रही हैं. उनकी यात्रा पर पूरे देश के राजनेताओं के बयान सामने आ रहे हैं.
लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का नाम तय करने को लेकर आज भोपाल में भाजपा की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक हुई। इस बैठक में सभी 29 लोकसभा सीटों के दावेदारों के नामों पर चर्चा हुई। लेकिन किसी भी सीट पर कोई सहमति नहीं बन पाई। प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने बैठक के बाद ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सभी 29 सीटों पर दावेदारों के नामों को लेकर चर्चा हुई। इसी आधार पर एक सूची बनाई गई है। जिसे प्रदेश अध्य़क्ष दिल्ली लेकर जाएंगे। जहां केंद्रीय चुनाव समिति ये तय करेगी कि कौन सा उम्मीदवार किस सीट से मैदान में उतरेगा।
लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों पर मध्य प्रदेश कांग्रेस में माथापच्ची जारी है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वह सूबे में कठिन से कठिन सीटों पर लड़ने के लिए तैयार हैं. दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले दिनों कहा था कि हमने दिग्विजय सिंह से कहा है कि वे सबसे कठिन जो दो तीन सीट हैं उनसे चुनाव लडें. इन सीटों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर और विदिशा है.
भोपाल नगर निगम के महापौर आलोक शर्मा ने बीजेपी से लोकसभा सीट के लिए दावेदारी पेश की है. महापौर ने कहा कि मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं. इसके साथ ही महापौर आलोक शर्मा ने नेताओं के परिजनों को टिकट देने की भी पैरवी की है. उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता के बेटे ने कार्यकर्ता के रूप में काम किया हो, टाटपट्टी बिछाई हो, तो उसे टिकट दिया जाना चाहिए.
कांग्रेस के युवा नेता नकुलनाथ गुरुवार को आदिवासी अंचल में पहुंचे और छह जनसभाओं को सम्बोधित किया। अमरवाड़ा के सोनपुर, सुरलाखापा, बारगी, अतरिया, चुर्रीखुर्द व आलीवाड़ा में आयोजित जनसभाओं में उन्होंने कहा कि वे अपने पिता कमलनाथ के आदेश का पालन करने आमजन के बीच आए हैं।